बेघरों को घर दिलाने की मुहिम तेज 10 एकड़ भूमि की मांग को लेकर श्री इकबाल पटेल ने वन विभाग और नगर परिषद को सौंपा ज्ञापन
खुल्दाबाद | प्रतिनिधि श्री संजय जाधव. क्राइम रिपोर्टर. खुल्दाबाद शहर के बेघर एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रधानमंत्री आवास (घरकुल) योजना का लाभ दिलाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता श्री इकबाल पटेल ने सोमवार (8 जून) को वन विभाग तथा नगर परिषद प्रशासन को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की मांग की। वन परिक्षेत्र अधिकारी (प्रादेशिक) को दिए गए ज्ञापन में पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अनेक पात्र लाभार्थियों के आवेदन वर्षों से लंबित हैं। इसका मुख्य कारण आवास निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि का अभाव है, जिसके चलते सैकड़ों गरीब और बेघर परिवार शासन की महत्वाकांक्षी योजना से वंचित रह गए हैं। ज्ञापन के अनुसार, खुल्दाबाद शहर से लगभग एक किलोमीटर दूर म्हैसमाल रोड स्थित डॉ. जाकिर हुसैन बी.एड. कॉलेज के सामने वन विभाग की बड़ी भूमि उपलब्ध है, जिसमें से लगभग 10 एकड़ क्षेत्र आवास योजना के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। यह स्थान शहर के निकट होने के साथ-साथ आवागमन की दृष्टि से भी उपयुक्त माना जा रहा है। इकबाल पटेल ने वन विभाग से मांग की है कि संबंधित भूमि का तत्काल स्थल निरीक्षण कर शासन के नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा 10 एकड़ भूमि आवास योजना के लिए उपलब्ध कराने का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जाए। साथ ही भविष्य में उक्त भूमि नगर परिषद को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए। नगर परिषद से भी की तत्काल कार्रवाई की मांग इसी मुद्दे को लेकर पटेल ने नगर परिषद के मुख्याधिकारी एवं नगराध्यक्ष को भी ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि नगर परिषद वन विभाग से तत्काल संपर्क कर संयुक्त स्थल निरीक्षण कराए और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करते हुए लगभग 10 एकड़ भूमि नगर परिषद को उपलब्ध कराने के लिए उच्च स्तर पर प्रभावी पहल करे, ताकि पात्र लाभार्थियों को शीघ्र आवास योजना का लाभ मिल सके। ज्ञापन में यह भी प्रस्ताव रखा गया है कि भविष्य में विकसित होने वाली आवासीय कॉलोनी का नाम "पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम कॉलोनी" रखा जाए। इकबाल पटेल ने कहा कि यह बेघर और जरूरतमंद नागरिकों से जुड़ा महत्वपूर्ण जनहित का विषय है। प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, ताकि वर्षों से अपने घर का सपना देख रहे गरीब परिवारों को स्थायी आवास मिल सके। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि 30 दिनों के भीतर इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और लिखित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, तो प्रधानमंत्री, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा महाराष्ट्र शासन के वन विभाग के समक्ष ज्ञापन और शिकायत प्रस्तुत की जाएगी।
1. Campaign to provide houses to the homeless intensifies: Mr. Iqbal Patel submitted memorandum to the Forest Department and the Municipal Council regarding the demand for 10 acres of land.


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