“मुझे बैठक में बैठने नहीं देंगे? आप कौन होते हैं?” — पालकमंत्री शिरसाट पर सांसद काळे का गुस्सा; नियोजन बैठक में जमकर हुई बहस।
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), दि. 15 :- जिलाधिकारी कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित जिला नियोजन समिति (DPDC) और खरीफ सीजन समीक्षा बैठक के दौरान पालकमंत्री Sanjay Shirsat और कांग्रेस सांसद Kalyan Kale के बीच तीखी बहस होने से जिले का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। किसानों के मुद्दों पर बोलते समय रोके जाने का आरोप लगाते हुए सांसद काळे ने नाराज़गी जताई। बैठक के दौरान मक्का खरीदी, खाद की कमी और बीजों की समस्या जैसे मुद्दों पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान सांसद काळे अपनी बात रख रहे थे। आरोप है कि पालकमंत्री संजय शिरसाट ने कहा, “एक ही विषय पर कितनी देर बोलेंगे? अगली बैठक में बैठने देना है या नहीं, यह तय करना पड़ेगा।” इस बयान पर नाराज़ होते हुए सांसद काळे ने जवाब दिया, “मुझे बैठक में बैठने नहीं देंगे? आप कौन होते हैं? मुझे 20 लाख जनता ने चुनकर भेजा है। मैं जनता और किसानों के सवाल उठाने के लिए किसी भी बैठक में उपस्थित रह सकता हूं। किसानों की आवाज उठाना मेरा अधिकार है।” बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों के सामने दोनों नेताओं के बीच कुछ समय तक तीखी जुबानी बहस हुई। मामला बढ़ता देख अन्य सदस्यों ने बीच-बचाव कर माहौल शांत कराया, जिसके बाद बैठक की कार्यवाही दोबारा शुरू की गई। इस दौरान सांसद काळे ने जिला नियोजन समिति और खरीफ समीक्षा बैठक एक ही दिन आयोजित किए जाने पर भी नाराज़गी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि, “पालकमंत्री के पास समय नहीं होने के कारण दो महत्वपूर्ण बैठकों को एक साथ लिया गया। इससे विधायकों और सांसदों को किसानों के गंभीर मुद्दे उठाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया।” मक्का खरीदी का मुद्दा उठाते हुए काळे ने कहा, “मक्का का समर्थन मूल्य 2400 रुपये है, लेकिन व्यापारी किसानों से सिर्फ 1200 रुपये में खरीद कर रहे हैं। इससे किसान भारी आर्थिक संकट में फंस गए हैं। मेरी मांग थी कि केंद्र और राज्य सरकार तुरंत समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदी शुरू करे, लेकिन बैठक जल्द खत्म करने की जल्दबाज़ी में मुझे बोलने ही नहीं दिया गया।” इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। किसानों के मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। “किसानों के सवाल उठाने वालों को आखिर कब तक चुप कराने की कोशिश की जाएगी?” — इस सवाल ने भी जिले की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
1. “You won't let me sit in the meeting? Who are you?” — MP Kale's anger at Foster Minister Shirsat; There was heated debate in the planning meeting.
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