NEET पेपर लीक का दर्दनाक साया: 15 से अधिक छात्रों की मौत, जिम्मेदार कौन?
NEET पेपर लीक का दर्दनाक साया: 15 से अधिक छात्रों की मौत, जिम्मेदार कौन? 18 से 22 वर्ष की उम्र में टूट गए डॉक्टर बनने के सपने, देशभर में शोक की लहर Writing नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट NEET परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और उससे उपजे तनाव, अनिश्चितता तथा मानसिक दबाव के बीच देशभर के कई छात्रों की मौत की खबरों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। विभिन्न राज्यों से सामने आए मामलों में अब तक 14 से अधिक छात्रों के निधन का दावा किया जा रहा है। मृतकों में राजस्थान के प्रदीप मेघवाल, दिल्ली की अंशिका पांडे, उत्तर प्रदेश के ऋतिक मिश्रा, गोवा के सिद्धार्थ हेगड़े, कर्नाटक की भाग्यश्री, मध्य प्रदेश की आकांक्षा चतुर्वेदी, राजस्थान के उमेश माली और रेणु मीणा, उत्तराखंड की रिया कुमारी थापा, उत्तर प्रदेश की शिवानी यादव, तमिलनाडु की अनुकीर्तना, गुजरात के कहान पटेल, महाराष्ट्र की मैथिली अशोक, रीमा बेगम तथा आदित्य श्रीवास्तव के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इन छात्रों की उम्र महज 18 से 22 वर्ष के बीच थी। डॉक्टर बनने का सपना संजोए इन युवाओं के असमय निधन ने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉस्मो डेली एक्सप्रेस न्यूज़ पेपर की ओर से सभी दिवंगत छात्रों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा उनके परिवारों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि परीक्षा प्रणाली में हुई कथित अनियमितताओं के कारण छात्रों को इतना मानसिक तनाव झेलना पड़ा, तो इसकी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी किसकी है? क्या यह केवल एक प्रशासनिक विफलता है या फिर उन सपनों की हत्या, जिन्हें इन छात्रों ने वर्षों की मेहनत से संजोया था? "ये केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि अधूरे रह गए सपनों की कहानी है।" श्रद्धांजलि "डॉक्टर बनने का सपना लेकर निकले इन युवाओं की याद हमेशा दिलों में जिंदा रहेगी।"
1. Painful shadow of NEET paper leak: More than 15 students died, who is responsible?

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