भविष्य की पानी की जरूरतों के अनुसार उचित नियोजन करें – जिलाधिकारी दिलीप स्वामी
भविष्य की पानी की जरूरतों के अनुसार उचित नियोजन करें – जिलाधिकारी दिलीप स्वामी छत्रपती संभाजीनगर, दिनांक 11 (जिमाका): पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष जिले के मध्यम और लघु प्रकल्पों में पर्याप्त मात्रा में जलसंचय उपलब्ध है। भविष्य में पानी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कुछ तालुकों के लिए पानी आरक्षित करने का नियोजन जलसंपदा व पाणीपुरवठा विभाग ने समन्वय से करना चाहिए, ऐसे निर्देश जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने दिए। जिलाधिकारी कार्यालय में जिला आकस्मिक जल आरक्षण बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकित, जलसंपदा विभाग के अधीक्षक अभियंता श्री सब्बीनवार, अपर जिलाधिकारी संभाजी अडकुने, निवासी उपजिलाधिकारी जनार्दन विधाते, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के अभियंता विजय कोळी, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी प्रकाश देशमुख सहित जिल्हा परिषद एवं महानगरपालिका के जलपुरवठा विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में छत्रपती संभाजीनगर जिले के सिंचन प्रकल्प, जलाशयों में उपलब्ध पाणीसाठा और पेयजल आवश्यकता की समीक्षा की गई। जिले के मध्यम व लघु प्रकल्पों में इस वर्ष अब तक 94% जलसंचय दर्ज किया गया है, जबकि गत वर्ष यह केवळ 28% था। गंगापूर और वैजापूर तालुकों में ग्रीष्म ऋतु के दौरान पानी की कमी की संभावना को ध्यान में रखते हुए, जलसंधारण व पाणीपुरवठा विभाग ने 122 गांवों के लिए 30.575 दशलक्ष घनमीटर पानी आरक्षित करने की योजना बनाई है। यह आरक्षित पानी नांदूर मधमेश्वर जलप्रकल्प से लिया जाएगा। इसी प्रकार, छत्रपती संभाजीनगर शहर के लिए 35.04 दशलक्ष घनमीटर पानी आरक्षित करने की योजना तैयार की गई है। जिले के सभी लघु और मध्यम प्रकल्पों से एकत्रित जलसंचय का उपयोग जिले की आवश्यकताओं के अनुसार किया जाएगा, जिसमें पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता और उसके बाद सिंचन के लिए पानी का उपयोग किया जाएगा।
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