अतिवृष्टि से प्रभावित कोई भी मत्स्य व्यवसायी मदद से वंचित नहीं रहेगा – मत्स्य व्यवसाय मंत्री नितेश राणे
अतिवृष्टि से प्रभावित कोई भी मत्स्य व्यवसायी मदद से वंचित नहीं रहेगा – मत्स्य व्यवसाय मंत्री नितेश राणे मंत्री नितेश राणे ने छत्रपति संभाजीनगर और लातूर विभाग की क्षति का लिया विस्तृत आढावा छत्रपति संभाजीनगर, (विमाका) दि. 03 – पिछले कुछ दिनों से मराठवाड़ा क्षेत्र में हुई लगातार भारी वर्षा के कारण खेती के साथ-साथ मत्स्य व्यवसाय को भी बड़ा झटका लगा है। जलाशय, तालाब और मत्स्यपालन केंद्र पानी में डूब गए हैं। नौकाएँ, होडियाँ, जाल, मत्स्य बीज सहित उपकरणों का तथा मत्स्यपालकों का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इसी पृष्ठभूमि पर राज्य के मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह विभाग के मंत्री नितेश राणे ने आज नुकसान का आढावा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक मत्स्यपालक का नुकसान सही प्रकार से दर्ज किया जाए और किसानों की तरह ही मत्स्यपालकों को भी शासन की सहायता मिले। इसके लिए नुकसानग्रस्त मत्स्य व्यवसायियों का तुरंत पंचनामा कर शासन को रिपोर्ट भेजें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अतिवृष्टि से प्रभावित कोई भी मत्स्य व्यवसायी सहायता से वंचित नहीं रहेगा। सरकार मत्स्य व्यवसायियों के साथ खड़ी है, यह कहते हुए उन्होंने उपस्थित मत्स्य व्यवसायियों को आश्वस्त किया। जिलाधिकारी कार्यालय में मत्स्य व्यवसाय व बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने छत्रपति संभाजीनगर और लातूर, दोनों विभागों की स्थिति की समीक्षा की। इस अवसर पर विभाग के आयुक्त किशोर तावडे, मनपा आयुक्त जी. श्रीकांत, जिलाधिकारी दिलीप स्वामी, प्रादेशिक उपायुक्त सुरेश भारती, सहायक आयुक्त मधुरिमा जाधव तथा मत्स्य विभाग के अन्य अधिकारी व मत्स्य व्यवसायी उपस्थित थे। श्री राणे ने कहा कि प्रत्येक मत्स्यपालक का नुकसान सही प्रकार से दर्ज होना चाहिए और उन्हें भी किसानों की तरह सहायता मिलनी चाहिए। पंचनामे सटीक बनाकर तुरंत शासन को भेजें ताकि जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके। मत्स्यपालकों को इस संकट से उभारना हम सबकी जिम्मेदारी है। इसी दृष्टि से हर किसी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। जलसंपदा विभाग को गाद निकालने की योजना तैयार करनी होगी और इसके लिए राज्यस्तरीय कार्यक्रम मंत्रालय स्तर से तैयार किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि नुकसान भरपाई के साथ मत्स्य व्यवसायियों को विभिन्न प्रकार की रियायतें देने के संदर्भ में सरकार सकारात्मक है। जिन जिलों में पंचनामे पूरे हो गए हैं, वहां का अतिरिक्त मनुष्यबळ उन जिलों में तुरंत लगाया जाए जहां पंचनामे बाकी हैं। मत्स्य बीज की दरों में असमानता पर भी जल्द निर्णय लिया जाएगा। साथ ही, जिला परिषद के अंतर्गत आने वाले तालाबों के पंचनामे समय पर पूरे हों, इसके लिए ग्रामविकास मंत्री से चर्चा की जाएगी। प्रारंभ में प्रादेशिक उपायुक्त श्री भारती ने जानकारी दी कि छत्रपति संभाजीनगर विभाग में 385 तालाब हैं, जिनमें से 330 तालाब अतिवृष्टि से प्रभावित हुए हैं। जाल, नौकाएँ, होडियाँ, मत्स्य बीज और मत्स्य भंडारण का भारी नुकसान हुआ है। पिंजरा मत्स्य संवर्धन प्रकल्प को भी क्षति पहुँची है। पंचनामे का कार्य तेजी से चल रहा है और विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। लातूर विभाग के प्रादेशिक उपायुक्त शिरीष गाठाडे ने बताया कि लातूर विभाग के लातूर, धाराशिव, नांदेड़ और हिंगोली जिलों में भी बड़ी क्षति हुई है। विभाग में कुल 516 तालाब/जलाशय हैं, जिनमें मत्स्य बीज, मत्स्य भंडारण, होडियाँ, जाल आदि को नुकसान पहुँचा है। पंचनामे का कार्य तेजी से किया जा रहा है। लातूर विभाग के अंतर्गत कुल 4 जिले आते हैं – लातूर (158 तालाब), धाराशिव (236 तालाब), नांदेड़ (93 तालाब) और हिंगोली (30 तालाब)। विभाग में गोदावरी, मांजरा, रेणा, पुर्णा, तेरणा, सिना, तावरजा आदि प्रमुख नदियाँ हैं। अगस्त 2025 से सितंबर 2025 के बीच हुई भारी वर्षा और बाढ़ की स्थिति के कारण मत्स्य बीज, मत्स्य भंडारण, जाल, नौकाएँ आदि को व्यापक नुकसान हुआ है। लातूर विभाग में कुल 39 तालुके और 220 मंडलें हैं। इनमें से 192 मंडलों में 65 मिमी से अधिक वर्षा होने से बाढ़ की स्थिति बनी। इस अवसर पर मत्स्य व्यवसायियों ने अपने-अपने नुकसान की जानकारी दी। बैठक में मत्स्य विभाग, जलसंपदा विभाग और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। यहाँ आपके दिए गए मराठी समाचार का हिंदी अनुवाद प्रस्तुत है : --- अतिवृष्टि से प्रभावित कोई भी मत्स्य व्यवसायी मदद से वंचित नहीं रहेगा – मत्स्य व्यवसाय मंत्री नितेश राणे मंत्री नितेश राणे ने छत्रपति संभाजीनगर और लातूर विभाग की क्षति का लिया विस्तृत आढावा छत्रपति संभाजीनगर, (विमाका) दि. 03 – पिछले कुछ दिनों से मराठवाड़ा क्षेत्र में हुई लगातार भारी वर्षा के कारण खेती के साथ-साथ मत्स्य व्यवसाय को भी बड़ा झटका लगा है। जलाशय, तालाब और मत्स्यपालन केंद्र पानी में डूब गए हैं। नौकाएँ, होडियाँ, जाल, मत्स्य बीज सहित उपकरणों का तथा मत्स्यपालकों का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इसी पृष्ठभूमि पर राज्य के मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह विभाग के मंत्री नितेश राणे ने आज नुकसान का आढावा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक मत्स्यपालक का नुकसान सही प्रकार से दर्ज किया जाए और किसानों की तरह ही मत्स्यपालकों को भी शासन की सहायता मिले। इसके लिए नुकसानग्रस्त मत्स्य व्यवसायियों का तुरंत पंचनामा कर शासन को रिपोर्ट भेजें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अतिवृष्टि से प्रभावित कोई भी मत्स्य व्यवसायी सहायता से वंचित नहीं रहेगा। सरकार मत्स्य व्यवसायियों के साथ खड़ी है, यह कहते हुए उन्होंने उपस्थित मत्स्य व्यवसायियों को आश्वस्त किया। जिलाधिकारी कार्यालय में मत्स्य व्यवसाय व बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने छत्रपति संभाजीनगर और लातूर, दोनों विभागों की स्थिति की समीक्षा की। इस अवसर पर विभाग के आयुक्त किशोर तावडे, मनपा आयुक्त जी. श्रीकांत, जिलाधिकारी दिलीप स्वामी, प्रादेशिक उपायुक्त सुरेश भारती, सहायक आयुक्त मधुरिमा जाधव तथा मत्स्य विभाग के अन्य अधिकारी
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