टीसीएस प्रकरण में मीडिया ट्रायल जारी, अदालत का फैसला आने दीजिए बैरिस्टर छत्रपति संभाजीनगर
टीसीएस प्रकरण में मीडिया ट्रायल जारी, अदालत का फैसला आने दीजिए बैरिस्टर छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), दि.9 (कॉस्मो एक्सप्रेस दैनिक समाचार पत्र) – नाशिक के टीसीएस कंपनी प्रकरण में मीडिया ट्रायल शुरू है। टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि नीदा खान एचआर मैनेजर नहीं थीं और वह कंपनी छोड़ चुकी हैं। उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में धार्मिक भावना भड़काने का आरोप लगाया गया है, धर्मांतरण का नहीं। मीडिया में जो दिखाया जा रहा है, वह नफरत की राजनीति है। उनके पास से बरामद बुर्का और मुस्लिम धार्मिक ग्रंथ मिलना क्या अपराध है...? उच्च शिक्षित युवक-युवतियों को निशाना बनाकर उनका भविष्य बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है। मालेगांव और मुंबई ट्रेन ब्लास्ट में कई निर्दोष लोगों की जान गई थी, जिनमें हिंदू और मुस्लिम दोनों शामिल थे। क्या आज तक उनके परिवारों को न्याय मिला...? क्या मीडिया ने उनके परिवारों से सवाल पूछे...? मालेगांव केस के आरोपी बाद में सांसद बनकर लोकसभा तक पहुंचे। दिल्ली में आतंकवादी बताकर जेल में डाले गए कई युवकों को वर्षों बाद अदालत ने बरी किया। ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं। आरोप लगने का मतलब दोषी होना नहीं होता। नीदा खान को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस जांच कर रही है। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और नीदा खान को न्याय मिलेगा। एमआईएम पर लगाए जा रहे आरोपों का मैं खंडन करता हूं। नगरसेवक मतीन पटेल पर छिपाने का आरोप लगाया गया है, वह जांच का सामना करेंगे। राज्य के कई विधायक और सांसदों पर भी मामले दर्ज हैं। अदालत का फैसला आने दीजिए। विरोधी पक्ष एमआईएम को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है और मैं उनके हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूं। यह जानकारी पत्रकार परिषद में सवालों के जवाब देते हुए एमआईएम सुप्रीमो सांसद ने दी।
1. Media trial continues in TCS case, let the court's decision come - Barrister Chhatrapati Sambhajinagar
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